54वें एनडीसी पाठ्यक्रम के सदस्यों तथा राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के कर्मचारियों द्वारा भेंट के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
1.सबसे पहले, मैं राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के54वें एनडीसी पाठ्यक्रम, जिसमें सिविल सेवाओं,सशस्त्र सेनाओं के अधिकारी तथा विदेशी मित्र देशों के अधिकारी शामिल हैं,में भाग ले रहे प्रतिभागियों के साथ अपने कुछ विचार बांटने का अवसर देने के लिए राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के प्रति गहरा आभार प्रकट करता हूं। मैं राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में आप सभी का स्वागत करता हूं।

मुझे इस संध्या 20वें न्यायमूर्ति सुनंदा भण्डारे स्मृति व्याख्यान देने के लिए यहां उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। स्वर्गीय न्यायमूर्ति भण्डारे महिला अधिकारों की संरक्षक थीं। उन्होंने अपने पेशे और पिछड़ों के प्रति चिंता के संबंध में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया। 52 वर्ष की आयु में उनकी असमय मृत्यु से एक महान और समृद्ध जीवनवृत्त का दुखद अंत हो गया।
मुझे जवाहरलाल नेहरू की 125वीं जन्म-जयंती के अवसर पर आयोजित46वां जवाहरलाल नेहरू स्मृति व्याख्यान देते हुए सम्मान का अनुभव हो रहा है। मैं इस निमंत्रण के लिए जवाहरलाल नेहरू स्मृति फंड की अध्यक्षा,श्रीमती सोनिया गांधी तथा इसके न्यासियों के प्रति आशा व्यक्त करता हूं।
मुझे आज वृंदावन में आपके बीच उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। मैं ऐसी अद्वितीय परियोजना की संकल्पना के लिए इस्कॉन को बधाई देता हूं। मैं समझता हूं कि वृंदावन चंद्रोदय मंदिर,जिसकी आधारशिला इस वर्ष 16 मार्च को रखी गई थी,भगवान श्रीकृष्ण की महिमा और काल को पुनसर्जित करने वाली स्थापत्यकला की एक भव्य रचना है। इससे प्रत्येक वर्ष वृंदावन में एकत्र होने वाले हजारों श्रद्धालुओं को आध्
1. देश के उच्च शिक्षण के उत्कृष्ट केंद्रों में से एक जामिया मिलिया इस्लामिया के वार्षिक दीक्षांत समारोह में आज यहां उपस्थित होना मेरे लिए खुशी का अवसर है। सबसे पहले मैं इस सम्माननीय अवसर का हिस्सा बनने के लिए निमंत्रण देने हेतु विश्वविद्यालय को धन्यवाद देता हूं।
मुझे भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी तथा सेंट जॉन एम्बुलेंस (भारत) की वार्षिक बैठक में आपके बीच उपस्थित होकर वास्तव में बहुत खुशी हो रही है। सबसे पहले मैं, भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी तथा सेंट जॉन एंम्बुलेंस (भारत) का हार्दिक अभिनंदन करना चाहूंगा। मैं उनकी नि:स्वार्थ सेवा तथा भारतीय समाज के सभी हिस्सों में मानवतावादी कार्य के लिए उनको बधाई देता हूं। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी तथा सेंट ज
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मुझे रॉयल सोसाइटी द्वारा भारत में पहली बार आयोजित किए जा रहे राष्ट्रमंडल विज्ञान सम्मेलन में भाग लेकर प्रसन्नता हो रही है।
1.मुझे हमारे देश में उच्च अध्ययन के प्रमुख केन्द्र सिंबियोसिस अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के ग्यारहवें दीक्षांत समारोह में भाग लेकर प्रसन्नता हो रही है। सर्वप्रथम,मैं आप सभी को एक ऐसे अवसर का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद करता हूं जो खुशनुमा और श्रद्धायोग्य है। मैं उन सभी स्नातक बने विद्यार्थियों को बधाई देता हूं जिन्होंने अपने उद्यम और लगन के द्वारा अपने च