सबसे पहले मैं आप सभी को वसंत के आगमन तथा बसंत पंचमी के पावन दिन की शुभकामनाएं व्यक्त करती हूं। आज सभी देशवासी विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना करते हैं। मैं मां शारदा को सादर नमन करती हूं। आज वाग्देवी सरस्वती की पूजा के पवित्र दिन, राष्ट्रपति भवन में ‘भारत की शास्त्रीय भाषाओं के ग्रंथ कुटीर’ के उद्घाटन समारोह में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। यह कुटीर भारत की शास्त्रीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में राष्ट्रपति भवन की ओर से किया जा रहा सामूहिक प्रयास है। इस ग्रंथ कुटीर के निर्माण में योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों, शोध