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भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का संसद के समक्ष अभिभाषण

माननीय सदस्यगण,

1. संसद के इस समवेत सत्र को संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। बीता वर्ष भारत के तेज विकास और विरासत के उत्सव के रूप में स्मरणीय रहा है। ये कालखंड अपने साथ अनेक प्रेरणाएं लेकर आया है। इस समय वंदे मातरम् के 150 वर्ष होने पर पूरे देश में समारोह आयोजित हो रहे हैं। सभी देशवासी इस महान प्रेरणा के लिए, ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी को नमन कर रहे हैं। मैं आप सभी संसद सदस्यों को बधाई देती हूं कि इस पुण्य अवसर पर संसद में विशेष चर्चा का आयोजन किया गया।

माननीय सदस्यगण,

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो,

नमस्कार!

देश और विदेश में रहने वाले, हम भारत के लोग, उत्साह के साथ, गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मैं, आप सभी को गणतन्त्र दिवस के राष्ट्रीय पर्व की हार्दिक बधाई देती हूं।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2024 वितरण समारोह में संबोधन (HINDI)

 नमस्कार!

आज पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी व्यक्तियों और संस्थानों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं।

जल के महत्व को समझाने के लिए, हजारों वर्ष पहले, हमारे पूर्वजों ने ऋग्वेद में कहा था:

अप्सु अन्तः अमृतम्

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का संविधान दिवस के अवसर पर सम्बोधन (HINDI)

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  संविधान दिवस के अवसर पर सम्बोधन (HINDI)

संविधान दिवस के अवसर पर, मैं सभी देशवासियों को भारत के संवैधानिक लोकतंत्र की अद्वितीय सफलता पर हार्दिक बधाई देती हूं। आज के दिन मैं उन संविधान निर्माताओं को सादर नमन करती हूं जिन्होंने विश्व इतिहास के सबसे विशाल लोकतन्त्र के सबसे बड़े लिखित संविधान को स्वरूप दिया। कार्यपालिका, विधायिका एवं न्यायपालिका ने संविधान के आदर्शों का पालन और मर्यादाओं का निर्वहन किया है। इसके लिए मैं इन तीनों स्त

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का ब्रह्म कुमारी के ‘विश्व एकता और विश्वास के लिए राजयोग ध्यान’ के वार्षिक अभियान के उद्घाटन समारोह में सम्बोधन

आज ब्रह्म कुमारी के ‘विश्व एकता और विश्वास के लिए राजयोग ध्यान’ के वार्षिक अभियान के शुभारंभ के अवसर पर आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। भारत की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति ने सदैव विश्व को "वसुधैव कुटुम्बकम्" का संदेश दिया है — अर्थात संपूर्ण विश्व हमारा परिवार है। आज जब विश्व कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब यह विचार और अधिक प्रासंगिक बन गया है। मुझे विश्वास है कि इस महान संकल्प को सिद्ध करने में इस अभियान का प्रभावी योगदान रहेगा। मैं इस अभियान के शुभारंभ

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का FOOTWEAR DESIGN & DEVELOPMENT INSTITUTE के दीक्षांत समारोह में संबोधन (HINDI)

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  FOOTWEAR DESIGN & DEVELOPMENT INSTITUTE के दीक्षांत  समारोह में संबोधन (HINDI)

Footwear Design & Development Institute के दीक्षांत समारोह में आकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। आज उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को मैं बधाई देती हूं। विद्यार्थियों की इस सफलता में योगदान के लिए मैं उनके शिक्षकों तथा अभिभावकों की सराहना करती हूं।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गुजरात विद्यापीठ के 71वें दीक्षांत समारोह में सम्बोधन (HINDI)

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  गुजरात विद्यापीठ के 71वें दीक्षांत समारोह में सम्बोधन (HINDI)

आज उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। पदक-विजेता छात्र-छात्राओं की मैं विशेष सराहना करती हूं। इस विद्यापीठ से जुड़े सभी लोगों को मैं साधुवाद देती हूं। अभिभावकों को भी मैं बधाई देती हूं।

भारत की राष्‍ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का महायोगी गोरखनाथ विश्‍वविद्यालय में नई सुविधाओं के लोकार्पण तथा शिलान्यास के अवसर पर सम्‍बोधन

श्री गोरखनाथ मंदिर से निकली गौरवशाली शाखा-प्रशाखाओं में यह महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय भी शोभायमान है। मैं सबसे पहले महायोगी श्री गोरखनाथ को सादर प्रणाम करती हूं।

आज इस सभागार सहित, विश्वविद्यालय की नई सुविधाओं का लोकार्पण करके मुझे बहुत प्रसन्नता हुई है। मुझे आशा है कि नए अकादमिक भवन में बेहतर सुविधाओं के उपलब्ध होने से विद्यार्थी तथा शिक्षक, और अधिक उत्साह एवं निष्ठा के साथ आगे बढ़ेंगे।

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अंगोला की संसद में संबोधन (HINDI)

इस भव्य संसद सदन और अंगोला के जन-प्रतिनिधियों को संबोधित करना, मेरे लिए अत्यंत गौरव का विषय है — विशेषकर उस ऐतिहासिक अवसर पर जब आप अपनी स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती मना रहे हैं। संघर्ष से लेकर स्वतंत्रता, शांति स्थापना, और लोकतंत्र तक, अंगोला की यात्रा पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।

मैं इस अवसर पर अंगोला गणराज्य के महामहिम राष्ट्रपति को भी धन्यवाद देती हूँ, जिनके स्नेहपूर्ण आमंत्रण पर मैं कल अंगोला पहुँची हूँ। मेरे साथ हमारे राज्य मंत्री श्री वी सोमन्ना, तथा हमारे संसद के दो माननीय सदस्य, श्री पी वसावा और श्रीमती डी के अरुणा भी इस यात्रा में सम्मिलित हैं।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अंगोला में भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह में संबोधन

आप सभी के बीच लुआंडा में उपस्थित होकर मुझे अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है। मेरी यह राजकीय यात्रा, अंगोला में भारत के किसी राष्ट्रपति की पहलीयात्रा है। मेरे साथ हमारे राज्य मंत्री श्री वी सोमन्ना, तथा हमारे संसद के दो माननीय सदस्य, श्री पी वसावा और श्रीमती डी के अरुणा भी इस यात्रा में सम्मिलित हैं।

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