भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का संसद के समक्ष अभिभाषण
माननीय सदस्यगण,
1. संसद के इस समवेत सत्र को संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। बीता वर्ष भारत के तेज विकास और विरासत के उत्सव के रूप में स्मरणीय रहा है। ये कालखंड अपने साथ अनेक प्रेरणाएं लेकर आया है। इस समय वंदे मातरम् के 150 वर्ष होने पर पूरे देश में समारोह आयोजित हो रहे हैं। सभी देशवासी इस महान प्रेरणा के लिए, ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी को नमन कर रहे हैं। मैं आप सभी संसद सदस्यों को बधाई देती हूं कि इस पुण्य अवसर पर संसद में विशेष चर्चा का आयोजन किया गया।
माननीय सदस्यगण,







