पंजाब विश्वविद्यालय के चौंसठवें दीक्षांत समारोह के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
1.मुझे आज यहां आकर देश के सबसे पुराने और उच्च शिक्षा के अग्रणी केंद्रों में से एक पंजाब विश्वविद्यालय के चौंसठवें दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनकर प्रसन्नता हो रही है। सबसे पहले मैं, यहां आमंत्रित करने तथा इस सम्माननीय समूह को संबोधित करने का अवसर प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय का धन्यवाद करता हूं।

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महामहिम, शेख तमिम बिन हमद अल थानी,
1.मुझे आज की शाम राष्ट्रीय भू-विज्ञान पुरस्कार 2013 प्रदान करने के लिए आपके बीच उपस्थित होकर वास्तव में खुशी हो रही है। सबसे पहले मैं इस अवसर पर इन पुरस्कार विजेताओं को बधाई देना चाहूंगा जिन्होंने अपने प्रेरणादायक तथा समर्पित प्रयासों के द्वारा हमारे देश में भू-विज्ञानों के विकास में योगदान दिया है।
1.आज मिज़ोरम विश्वविद्यालय के इस दसवें दीक्षांत समारोह में आपके बीच उपस्थित होना तथा आपको संबोधित करना मेरे लिए प्रसन्नता का अवसर है। मुझे इस अवसर का उपयोग मिज़ोरम की यात्रा करने के लिए करके भी खुशी हुई है जो भारत के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद मेरे लिए पहला अवसर है। आपके राज्य और विश्वविद्यालय में अपना स्वागत करने के लिए मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूं।
1.मुझे कोट्टायम की प्राचीन सेमिनारी के 200 वर्ष पूर्ण होने पर स्मारक डाक टिकट जारी करने पर अत्यंत प्रसन्नता हुई। प्राचीन सेमिनारी की स्थापना केरल में मौजूद मालंकारा ऑर्थोडॉक्स चर्च ने की थी जिस राज्य को विभिन्न धर्मों के सह-अस्तित्व तथा सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जाना जाता है। इस सेमिनारी तथा ऑर्थोडॉक्स चर्च ने इस उद्देश्य की प्राप्ति में अपनी भूमिका निभाई जिसके कारण इस राज्य
महामहिम,
1.राष्ट्रीय कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में आपके बीच उपस्थित होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। सर्वप्रथम, मैं भारतीय उद्योग परिसंघ को देश में एक सुदृढ़, सतत् कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व अभियान का निर्माण करने पर केंद्रित इस वार्षिक कॉन्क्लेव के आयोजन हेतु बधाई देता हूं। मैं राष्ट्रीय कॉरपोरेट शासन प्रतिष्ठान की भी सराहना करता हूं जिसके साथ भारतीय उद
मुझे62वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के अवसर पर आपके बीच उपस्थित होकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सिनेमा के क्षेत्र में सर्वोच्च सरकारी मान्यता के अनुरुप गहरे सम्मान का प्रतीक है। मैं 62वें राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं के सभी विजेताओं का स्वागत करता हूं और बधाई देता हूं। आपने भारत को गौरवान्वित किया है और एक बार फिर सिनेमा को वैश्विक मंच पर