इन्फोसिस पुरस्कार 2015 प्रदान करने के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
1. मैं प्रतिभाशाली लोगों के इस समूह के बीच उपस्थित होने में प्रसन्न हूं। मैं इन्फोसिस पुरस्कार के विजेताओं को मुबारकबाद देकर अपनी बात आरंभ करना चाहूंगा। उनका अनुसंधान एक विकसित,समर्थ और संधारणीय विश्व की नींव रख रहा है।

1. भारतीय दण्ड संहिता (आईपीसी) की 155वीं वर्षगांठ के समापन समारोह में भाग लेने पर मैं प्रसन्न हूं। सर्वप्रथम,मैं अभियोग निदेशालय, केरल को बधाई देता हूं जिसके तत्वावधान में यह समारोह मनाया जा रहा है।
1. मुझे पर्यटन मंत्रालय,भारत सरकार के सहयोग से केरल सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही मुजिरिस धरोहर परियोजना का उद्घाटन करने के लिए आज कोडुंगलूर के इस ऐतिहासिक शहर में आकर प्रसन्नता हो रही है।
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सर्वप्रथम, मैं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हमारे देश और विश्व की महिलाओं को अपनी हार्दिक बधाई देता हूं।
1. मैं आप सभी का ऐतिहासिक राष्ट्रपति भवन में स्वागत करता हूं। आपने अभी-अभी एक नये कैरियर में प्रवेश किया है जिसमें आपको छोटी उम्र में अपरिमित उत्तरदायित्वों को निभाने का अवसर मिलेगा। आप लोकसेवाओं के द्वारा देश और जनता की सेवा कर सकेंगे।
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1. मैं नवान्वेषण उत्सव 2016के प्रतिनिधियों और समावेशी नवान्वेषण पर वैश्विक गोलमेज में आपका हार्दिक स्वागत करता हूं। मैं यह देखकर खुश हूं कि गोलमेज ने एक बार फिर पूरे विश्व और भारत के विद्वानों,पेशेवरों और विचारकों के एक प्रभावी समूह को आकर्षित किया है।