अबिदजान शहर में मान्यता प्राप्त करने संबंधी समारोह के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी की आभारोक्ति
1. भारत के किसी राष्ट्रपति की पहली राजकीय यात्रा पर इस सुंदर देश अबिदजान, पर्ल ऑफ वेस्ट अफ्रीका में आकर मैं बहुत प्रसन्न हूं।
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1. भारत के किसी राष्ट्रपति की पहली राजकीय यात्रा पर इस सुंदर देश अबिदजान, पर्ल ऑफ वेस्ट अफ्रीका में आकर मैं बहुत प्रसन्न हूं।
मैं नामिबिया की यात्रा करके बहुत प्रसन्न हूं जो एक ऐसा देश है प्राकृतिक संपदा से भरपूर हैं,संसाधनों से युक्त है,जिसे समुद्र का मर्मस्पर्श प्राप्त है और जहां बहादुर निवास करते हैं। इस अवसर को पाकर मैं नामिबिया की जनता के नेताओं और प्रतिनिधियों के इस भव्य सदन को संबोधित करके सचमुच बड़ा सम्मानित महसूस कर रहा हूं।
1. मेरे और मेरे सहयोगियों के लिए इस प्रकार का सौहार्द और आतिथ्य आयोजित करने में सचमुच मुझे गौरव का अनुभव हो रहा है। इस राजभोज में नामिबिया के राष्ट्रपति के अभिभाषण को भारत और नामिबिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाएगा। मैं स्वयं को स्वैपो के संस्थापकों और नामिबिया के नेताओं की इस उपस्थिति के द्वारा सौभाग्यशाली समझता हूं जिन्होंने न केवल स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया बल्कि महत्वपूर्ण योगदान भी दिया ताकि नामिबिया की जनता और सरकार राष्ट्रमंडल में अपना आधिकारिक स्थान प्राप्त कर सकें।
महामहिम,
1. मुझे नामिबिया विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आज प्रात: आपके बीच में होने में सचमुच गर्व है। मैं शैक्षिक समुदाय,विशेषकर नई पीढ़ी और नामिबिया के भावी नेताओं के बीच होने में विशेष रूप से प्रसन्न हूं।
2. मेरे प्रतिनिधिमंडल में भारतीय प्रधानमंत्री के राज्यमंत्री,डॉ. जितेन्द्र सिंह, लोकसभा निचले सदन के सदस्य,श्री सुरेन्द्रजीत सिंह अहलुवालिया,राज्यसभा, भारतीय संसद के उच्च सदन के सदस्य,श्री मनसुख मंडाविया युवा भारत शामिल हैं। हम आपके लिए हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई लेकर आए हैं। युवा भारत उभरते हुए नामिबिया को विशेषकर आगे बढ़ते हुए युवाओं को शुभकामनाएं देता है।
1. मेरे लिए कथक केंद्र में ‘विवेकानंद समभागार’के उद्घाटन में भाग लेना सचमुच सौभाग्यशाली है। मैं इस अवसर पर श्री महेश शर्मा,संस्कृतिक मंत्रालय, श्री एन.पी.
प्यारे देशवासियो:
1. हमारी स्वतंत्रता की 69वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर मैं देश विदेश में रह रहे अपने सभी बहनों और भाइयों को हार्दिक बधाई देता हूं।
1. मैं इस कार्यालय भवन,जिसमें भारत चैम्बर ऑफ कामर्स का आवास होगा,के उद्घाटन के अवसर पर सचमुच बहुत प्रसन्न हूं। मैं आपको अपना कार्यालय भवन होने की बधाई देता हूं। भारत चैम्बर ऑफ कामर्स भारत के सबसे पुराने चैम्बरों में से एक है जिसका इतिहास1900वर्ष पुराना है जब इसे विशेष समुदाय से संबंधित एक एसोसिएशन ऑफ मर्चेंट्स के रूप में गठित किया गया था।
1. मैं आज बैंगलोर में इस सुविख्यात लॉ स्कूल के दीक्षांत समारोह में उपस्थित होकर प्रसन्न हूं।
म्यामां संघीय गणराज्य के राष्ट्रपति, महामहिम यू हितन क्याउ,
दाओ सू सू ल्विन,
महामहिमगण,
देवियो और सज्जनो,
मुझे भारत की यात्रा पर आए महामहिम राष्ट्रपति, दाओ सू सू ल्विन और आपके विशिष्ट शिष्टमंडल का स्वागत करने पर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।
महामहिम,