बेल्जियम के प्रधानमंत्री के साथ शिष्टमंडल स्तर की बातचीत में अवसर अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का प्रारंभिक उद्बोधन
महामहिम प्रधानमंत्री एलियो डी. रूपो,
मैं आपके स्वागत के गर्मजोशी भरे शब्दों के लिए धन्यवाद देता हूं। ब्रुसेल्स की यात्रा करना और आपके साथ बातचीत करने का अवसर प्राप्त करना वास्तव में सुखद है।
मैं भारत बेल्जियम के संबंधों पर नजर डालने के लिए आपका धन्यवाद करता हूं। मैं अपनी राजकीय यात्रा के लिए आपके आतिथ्य और आपकी सरकार द्वारा किए गए शानदार प्रबंध की गहरी प्रशंसा करता हूं। मैं आपको अपने शिष्टमंडल के सदस्यों का परिचय करवाना चाहूंगा।
महामहिम,
भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा सीनेट के अध्यक्ष और बेल्जियम संसद की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष द्वारा आयोजित मध्याह्न भोज के अवसर पर समापन अभिभाषण
महामहिमगण, विशिष्ट अतिथिगण,
आरंभ में मुझे और मेरे शिष्टमंडल के गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य के लिए, मैं अपना गहरा आभार प्रकट करता हूं। बेल्जियम संसद में उपस्थित विशिष्ट सभा को संबोधित करना एक विशेष सम्मान और गौरव की बात है। अपनी स्थापना के 180 से अधिक वर्षों के दौरान इस संसद ने बेल्जियम के लोकतांत्रिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है।
इस्तांबुल विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि प्रदान किए जाने के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का स्वीकृति अभिभाषण
इस्तांबुल विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रोफेसर डॉ. युनुस सोयलेट,
राजनीति विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर डॉ. एमरा सेंगिज,
विशिष्ट अतिथिगण
देवियो और सज्जनो,
ऊर्जा तथा संसाधन संस्थान द्वारा आयोजित द्वितीय जल फौरम, 2013 के उद्घाटन के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
मुझे आज की सुबह आप लोगों के बीच उपस्थित होकर द्वितीय भारत जल फौरम के उद्घाटन सत्र में भाग लेने पर बहुत प्रसन्नता हो रही है। सबसे पहले मैं, सही मायने में वैश्विक प्रासंगिकता वाले इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए ऊर्जा तथा
53वें राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज पाठ्यक्रम के सदस्यों द्वारा भेंट के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण ण

कमांडेंट, राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज, वाइस एडमिरल सुनील लांबा, एवीएसएम, संकाय तथा स्टाफ सदस्य, भारतीय सशस्त्र सेनाओं, सिविल सेवाओं तथा मित्र विदेशी राष्ट्रों के अधिकारीगण। मुझे आप सबका राष्ट्रपति भवन में स्वागत करते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है।
भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीनों की दीक्षांत परेड के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
मुझे हमारे देश के प्रमुख पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीनों की दीक्षांत परेड का अवलोकन करके अपार प्रसन्नता हो रही है।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के निदेशकों के सम्मेलन में भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
मैं, पहली बार राष्ट्रपति भवन में आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के निदेशकों के इस सम्मेलन में आप सभी का हार्दिक स्वागत करता हूं।


महामहिम,