भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोहों के अवसर पर 2 मई, 2013 को भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण

मुझे आज भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोहों के लिए यहां उपस्थित होकर बहुत खुशी हो रही है। यह अवसर विदेश व्यापार और अतंरराष्ट्रीय कारोबार में इस संस्थान द्वारा दिए गए व्यापक बौद्धिक योगदान की सराहना करने का अवसर है।







राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2013 के समारोह में भाग लेने के लिए आपके बीच आना मेरे लिए गौरव का विषय है। यह दिवस उस महत्त्व का प्रतीक है जो सरकार देश की प्रौद्योगिकीय क्षमताओं के विकास को प्रदान करती है।
मुझे आज पूर्वोत्तर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के एक उत्कृष्ट केंद्र नागालैंड विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में उपस्थित होकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। मेरा इस विश्वविद्यालय में उपस्थित होना सौभाग्य की बात है, जिसका शिलान्यास 1987 में हमारे पूर्व प