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भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह 2022 में सम्बोधन

नई दिल्ली : 01.10.2022

डाउनलोड : भाषण भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह 2022 में सम्बोधन(हिन्दी, 344.47 किलोबाइट)

1. 'स्वच्छ भारत मिशन' से जुड़े इस अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आप सबके बीच आकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। मैं आज पुरस्कार प्राप्त करने वाले शहरों के नागरिकों, सफाई-मित्रों तथा स्थानीय प्रशासन को बधाई देती हूं।

2. आज 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2022' के तहत, विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए है। इंदौर शहर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार छठी बार प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बड़े राज्यों की श्रेणी में मध्य प्रदेश तथा छोटे राज्यों की श्रेणी में त्रिपुरा ने प्रथम स्थान हासिल किया है। मेरा सुझाव है कि इंदौर शहर के निवासियों द्वारा अपनाए गए जन-भागीदारी के model को पूरे देश में अपनाने के प्रयास होने चाहिए।

3. स्वच्छ-सर्वेक्षण के द्वारा राज्यों और शहरों के बीच स्वच्छता के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिल रहा है। इस वर्ष के सर्वेक्षण में चार हजार से अधिक शहरों में लगभग नौ करोड़ देशवासियों ने भाग लिया है। व्यापक स्तर पर नागरिकों के बीच स्वच्छता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मैं Minister of Housing and Urban Affairs श्री हरदीप पुरी जीत था उनकी पूरी टीम को हार्दिक बधाई देती हूं।

देवियो और सज्जनो,

4. गांधी-जयंती की पूर्व-संध्या पर इस कार्यक्रम का आयोजन करना सराहनीय है। बीसवीं सदी केआरम्भ में ही बापू ने स्वच्छता के लिए देशवासियों का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था "जब तक हम अपने शहरों की हालत नहीं बदलते, अपनी बुरी आदतों को नहीं छोड़ते, अपने शौचालयों को नहीं सुधारते तब तक हमारे लिए स्वराज्य का मूल्य कुछ भी नहीं है। "पिछले आठ वर्षों में 'स्वच्छ भारत मिशन' की उपलब्धियों के पीछे केंद्र और राज्य सरकारों, तथा सभी नागरिकों के निरंतर सहयोग का योगदान रहा है। इन उपलब्धियों को हासिल करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका हमारे सफाई-मित्रों ने निभाई है। उन लोगों ने कोविड महामारी के दौरान भी स्वच्छता बनाए रखने के लिए निरंतर सेवाएं प्रदान की हैं।

देवियो और सज्जनो,

5. पिछले वर्ष 1 अक्टूबर को, भारत सरकार द्वारा ‘स्वच्छ भारत मिशन-Urban 2.0’ की शुरुआत की गई, जिसका लक्ष्य, वर्ष 2026 तक देश के सभी शहरों को garbage-free बनाना है। इस अभियान का नेतृत्व सभी स्वच्छता चैंपियन तथा देश के विभिन्न भागों में कार्यरत सफाई-मित्र कर रहे हैं। मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि कल से शहरों में एक अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सभी नागरिकों से घर पर ही गीले व सूखे कचरे को अलग करने की अपील की जा रही है। ऐसा करने से waste management बेहतर हो सकेगा। हमारे गली, गांव, मुहल्ले तथा शहर स्वच्छ रहें इसकी जिम्मेदारी प्रशासन के साथ-साथ सभी नागरिकों की भी है। मैं सभी देशवासियों, विशेषकर युवाओं से आग्रह करती हूं कि इस अभियान की सफलता हेतु बढ़-चढ़कर सहयोग करें तथा समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाएं।

देवियो और सज्जनो,

6. भारत सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भविष्य में सफाई की असुरक्षित प्रणाली के कारण किसी भी सफाई-मित्र की जान के लिए खतरा न पैदा हो। इस संदर्भ में मुझे यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि अब तक 500 से अधिक शहर 'सफाई-मित्र सुरक्षित शहर' बन गए हैं। अब इन शहरों में सफाई का काम मशीनों द्वारा किया जा रहा है। मुझे बताया गया है कि हमारे सफाई-मित्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें micro-enterprise स्थापित करने के लिए सहायता भी दी जा रही है।

7. मेरे विचार से हमारे सफ़ाई-मित्र भाई-बहनों के जीवन को गरिमा-मय और सम्मान-पूर्ण बनाने की जिम्मेदारी न सिर्फ़ प्रशासन, बल्कि सभी नागरिकों की भी है।

8. अंत में एक बार फिर मैं सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देती हूं और सभी देशवासियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूं। मेरी शुभकामना है कि सभी देशवासी मिलकर एक स्वच्छ, स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में उत्साह-पूर्वक आगे बढ़ते रहें।

धन्यवाद, 
जयहिन्द!

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