भारत की राष्ट्रपति ने स्कोप एमिनेंस पुरस्कार प्रदान किए
वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी: राष्ट्रपति मुर्मु
राष्ट्रपति भवन : 29.08.2025
भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज 29 अगस्त, 2025 को नई दिल्ली में वर्ष 2022-23 के लिए स्कोप एमिनेंस पुरस्कार प्रदान किए।
इस अवसर पर बोलते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि स्कोप एमिनेंस पुरस्कार भारत के विकास में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के महत्वपूर्ण योगदान से सबको अवगत कराने का उत्सव है। सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय, तकनीकी और नैतिक सभी मानदंडों पर अच्छा प्रदर्शन करना एक अच्छे उद्यम की पहचान होती है। उन्होंने सतत विकास, कॉर्पोरेट प्रशासन, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व और नवाचार जैसे विविध आयामों पर अच्छे प्रदर्शन को सम्मानित करने के लिए स्कोप की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इससे प्रगति और विकास के प्रति समग्र दृष्टिकोण का परिचय मिलता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि स्वाधीनता के बाद से, सार्वजनिक क्षेत्र आर्थिक विकास और सामाजिक समावेश का एक शक्तिशाली माध्यम रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों ने औद्योगीकरण, बुनियादी ढाँचे के विकास, सामाजिक उत्थान और संतुलित क्षेत्रीय विकास की आधारशीला तैयार की है। समय के साथ, इन उद्यमों का विकास हुआ और इनमें बदलाव भी आए। सरकार और समाज की सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों से अपेक्षाएँ भी बदली हैं। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि इन सभी परिवर्तनों के बीच, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम अपने प्रदर्शन से आर्थिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक और वित्तीय योगदान के अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा राष्ट्रीय लक्ष्यों को सर्वोपरि रखते हुए संतुलित और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई है। उनकी भूमिका और योगदान को देखते हुए, यह कहना सर्वथा उचित है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम देश और नागरिक विकास के मुख्य स्रोत और समृद्धि के स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि इन उद्यमों ने शासन और पारदर्शिता के कई अच्छे मॉडल और उदाहरण भी प्रस्तुत किए हैं।
राष्ट्रपति को यह जानकर प्रसन्नता हुई कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई) आत्मनिर्भर भारत और 'मेक इन इंडिया' जैसे राष्ट्रीय अभियानों में प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, स्वदेशी वायु रक्षा नियंत्रण और रिपोर्टिंग प्रणाली - आकाशतीर ने अपनी अचूक क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम के निर्माण में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि यह सार्वजनिक क्षेत्र समुदाय के लिए विशेष गर्व की बात है।
राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में स्वावलंबी नवाचार और भारत की बढ़ती हुई तकनीकी आत्मनिर्भरता में सार्वजनिक उद्यमों का योगदान सिद्ध हुआ है।
सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों ने कृषि, खनन और खोज, विनिर्माण, प्रसंस्करण और उत्पादन तथा सेवाओं के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश के सम्मुख आने वाली चुनौतियों का सामना करने में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों ने सदैव अग्रणी योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सीपीएसई के सभी सदस्यों से यह अपेक्षा की जाती है कि उनके निर्णय राष्ट्र-निर्माण के लिए समर्पित होंगे, उनके सभी कार्य नैतिकता पर आधारित होंगे और उनकी सोच संवेदनशीलता और समाज सेवा से प्रेरित होगी।
स्कोप द्वारा स्थापित स्कोप एमिनेंस पुरस्कार, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और योगदानों को सम्मानित करने का एक प्रयास है।
